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सरायकेला:संजय मिश्रा

सरायकेला। सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरूप पंचायत के माहलीमोरूप स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सादे समारोह में शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य योगेश प्रधान ने सर्वप्रथम डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्प व अगरबत्ती जलाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नमन किया। तत्पश्चात समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर नमन किया।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक देवीदत्त प्रधान ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि साल 1962 की बात है, जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला तो उनके कुछ पूर्व छात्र उनके पास पहुंच गए और 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति मांगी। इस पर उन्होंने सुझाव दिया कि उनका जन्मदिन मनाने की बजाए इस दिन सभी शिक्षकों के सम्मान के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाना चाहिए।
इसके बाद तत्कालीन सरकार ने इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में घोषित कर दिया और तभी से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। बता दें कि डॉ. राधाकृष्णन ने एक बार कहा था कि “शिक्षकों को देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाला होना चाहिए।” वहीं, साल 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। सभा को विद्यालय के शिक्षक प्रशांत कुमार मंडल, तपन कैवर्त ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को उपहार भेंट कर आशीर्वाद लिया।

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