June 8, 2026
Vananchal 24TV Live – वनांचल 24TV लाइव
News कोल्हान जरा हटके झारखण्ड पूर्वी सिंहभूम राजनीति सुर्खियां

362वें प्रकाश उत्सव के साथ 24वें चेतना मार्च का हुआ समापन, संगत ने किए उन ऐतिहासिक गुरूद्वारों के दर्शन जहां आज भी हैं तप और त्याग के निशान… – Vananchal 24TV Live – वनांचल 24TV लाइव

362वें प्रकाश उत्सव के साथ 24वें चेतना मार्च का हुआ समापन, संगत ने किए उन ऐतिहासिक गुरूद्वारों के दर्शन जहां आज भी हैं तप और त्याग के निशान… – Vananchal 24TV Live – वनांचल 24TV लाइव
Spread the love

Advertisements

जमशेदपुर: प्रितम सिंह भाटिया (JO)

पंजाब में बाबा जीवन सिंह जी के 362वें प्रकाश पर्व के साथ 24वें चेतना मार्च का 3 सितंबर को दरबार साहिब से हुई शुरुआत ऐतिहासिक रही.अमृतसर के अकाल तख्त हरमंदिर साहब से सुबह 8.00 बजे निकलकर रात 8.00 बजे आनंदपुर साहब पहुंची.लौहनगरी से चेतना मार्च में शामिल हुई संगत के साथ रात गुजारने के उपरांत 4 सितंबर को फिर सुबह सरसा नदी के किनारे गुरूद्वारा बिछोडा़ साहब के लिए रवाना हुए सभी संगत को छोटे साहिबजादों के पैरों के निशान के दर्शन कराए गए.


उक्त जानकारी देते हुए रंगरेटा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत सिंह गिल ने बताया कि नगर कीर्तन के साथ जब सैकड़ों की तादाद में संगत चमकौर साहब पहुंची तब गुरूद्वारा प्रबंधक कमिटी द्वारा लंगर छकाने के बाद गुरुद्वारा मंजी साहिब लुधियाना के लिए रवाना हुए लुधियाना पहुंचने के बाद संगत के साथ रात्रि विश्राम किया.श्री गिल ने बताया कि 5 सितंबर को बाबा जीवन सिंह जी का जन्म दिहाड़ा बड़े ही धूमधाम से लुधियाना में मनाया गया.इस प्रकाश उत्सव में बाबा जीवन सिंह के त्याग और तपस्या को कविसरों ने अपनी बाणी से संगत को सुनाकर निहाल किया.कविसर ने बताया कि बाबा जीवन सिंह दोनों हाथों से न सिर्फ एक साथ दो घोड़े दौड़ाने में माहिर थे बल्कि दोनों हाथों से तलवार भी चलाते थे.इतना ही नहीं बाबा जीवन सिंह जी ने अपना पूरा जीवन ही गुरूओं की सेवा में लगा दिया इसलिए उन्हें ईनाम मिला रंगरेटा गुरु का बेटा.

भट्ठा साहिब में आज भी हैं नीले घोड़े के पैरों की छाप

संगत को चमकौर की गली के दर्शन से आज भी बलिदान की प्रेरणा मिलती है जहां मुगलों से गुरूओं की लड़ाई हुई थी.इस संदर्भ में जानकारी देते कविसरों ने बताया कि भट्ठा साहिब और चमकौर साहिब में आज भी ऐसे निशान हैं जो बता रहे हैं कि हमारे गुरूओं और लड़ाकों ने दुश्मन को नाकों चने चबवा दिए तब जाकर मानव जाति की रक्षा हुई.
भट्ठा साहिब में गुरु गोविंद सिंह जी के नीले घोड़े ने अपने पैरों से मार कर अग्नि को ठंडा किया था जिसके निशान आज भी गुरूद्वारा भट्ठा साहिब में मौजूद हैं.

श्री गिल ने बताया कि संगत को बाबा जीवन सिंह जी के कर्मभूमि और तपोभूमि के रूप में चर्चित चमकौर दी गली स्थित सात मंजिला गुरूद्वारा साहिब के भी दर्शन कराए गए हैं जहां से युद्ध हुआ था.श्री गिल ने बताया कि गुरुद्वारा आलमगीर आलम साहिब लुधियाना में नगर कीर्तन समाप्ति के उपरांत चेतना मार्च में शामिल प्रबंधकों द्वारा संगत का स्वागत किया गया.विशेषकर दूर-दराज से संगत का जत्था लेकर आने वालों को शिरोपा और‌ कृपाण देकर सम्मानित किया गया.

मौके पर रंगरेटा महासभा के गुरदयाल सिंह मानेवाल,जसबीर सिंह पदरी,महिंदर सिंह,कुंदन सिंह,सतबीर सिंह,मिटा सिंह,बलविंदर सिंह बिंदु,सविंदर सिंह,जोगिंदर सिंह जोगी,कुलवंत सिंह,साहिब सिंह,सुखदेव सिंह,बलबीर सिंह बीरा,राजू सिंह काले,सोनी सिंह,चरणजीत कौर,रिंकी कौर,मनजीत कौर,सुरेंद्र कौर,इंद्रजीत कौर,किरणदीप कौर सहित अन्य कई गणमान्य उपस्थित थे.

Advertisements

Advertisements




Related posts

ईचागढ़:हेमंत सरकार ने महिलाओं को दिया सम्मान: सविता महतो…

admin

चिलगु प्रीमियर लीग का हुआ आगाज, रामचन्द्र सहिस ने किया नारियल फोड़कर शुभारंभ, कहा की युवाओं को खेजकूद से जुड़ा रहना चाहिये,युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास होता है… – Vananchal 24TV Live – वनांचल 24TV लाइव

admin

सरायकेला:गणित शिक्षक की मांग को लेकर छात्र संघ के प्रतिनिधियों डीईओ को ग्रामीणों संग सौंपा ज्ञापन… – Vananchal 24TV Live – वनांचल 24TV लाइव

admin